सीताफल

सीताफल अगस्त से नवम्बर के महीने में मिलने वाला फल है। यह एक स्वादिष्ट फल है।
sitaphal

आयुर्वेद के अनुसार

सीताफल शीतल, पित्तशामक, कफ वर्धक, गर्मी नाशक, पोस्टिक मांस एवं खून बढ़ाने वाला, उल्टी बंद करने वाला, बलवर्धक, वातदोषनाशक एवं हृदय के लिए हितकर है।

वैज्ञानिक दृष्टि से

सीताफल में कैल्शियम, लौह तत्व, फास्फोरस, विटामिन, थायमीन, राइबोफ्लेविन एवं विटामिन सी आदि भरपूर मात्रा में होते हैं।
जिन व्यक्तियों की प्रकृति गर्म है अर्थात पित्तप्रधान है। उनके लिए सीताफल अमृत के समान गुणकारी है।

सीताफल का औषधीय उपयोग

हृदय पुष्टि

जिन व्यक्तियों का हृदय कमजोर हो, हृदय की धड़कन अधिक हो, घबराहट होती हो, हाई ब्लड प्रेशर हो ऐसे रोगियों के लिए भी सीताफल का सेवन लाभदायक है। ऐसे रोगी सीताफल की ऋतु में उसका नियमित सेवन करें तो उनका हृदय मजबूत एवं क्रियाशील बनता है।

भूख शांत न होना

जिन व्यक्तियों को अधिक भूख लगती हो भोजन करने के पश्चात भी भूख शांत न होती हो तो ऐसे रोग में सीताफल का सेवन करने से भस्मक रोग ठीक होते हैं।

सावधानी

सीताफल गुण में अत्यधिक ठंडा होने के कारण अधिक मात्रा में सेवन करने से सर्दी होती है। कई व्यक्तियों को ठंड लगकर बुखार आने लगता है। अतः जिनकी प्रकृति कफ प्रधान हो वे सीताफल का सेवन न करें जिनकी पाचन शक्ति मंद हो बैठे रहने का काम करते हों उन्हें सीताफल का सेवन सावधानी पूर्वक करना चाहिए।

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