methi

मेथी

आहार में हरी सब्जियों का विशेष महत्व है। आधुनिक विज्ञान के मत अनुसार हरे पत्तेवाली सब्जियों में क्लोरोफिल नामक तत्व रहता है। यह तत्व जंतुओं का प्रबल नाशक है। दाँत एवं मसूढ़ों में सड़न पैदा करने वाले जंतुओं को यह नष्ट करता है।

हरी सब्जियों में लौह तत्व काफी मात्रा में पाया जाता है। जो कि खून की कमी व शारीरिक कमजोरी को नष्ट करता है। हरी सब्जियों में पाया जाने वाला क्षार, खून की अम्लता को घटाकर उसका नियमन करता है।

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हरी सब्जियों में मेथी की सब्जी का प्रयोग भारत के प्रायः सभी भागों में अधिक होता है। मेथी को सुखाकर भी उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा मेथीदानों का प्रयोग छौंक में तथा कई औषधियों के रूप में किया जाता है। सर्दियों के दिनों में मेथी का पाक बनाकर भी इसका सेवन किया जाता है।

मेथी प्रायः हर समय उगाई जा सकती है। फिर भी अक्टूबर से फरवरी तक यह अधिक मात्रा में उगाई जाती है। मेथी की सब्जी तीखी, कड़वी, गरम, पितवर्धक, भूखवर्धक भूख को बढ़ाने वाली, पचने में हल्की, पेट साफ करने वाली, ह्रदय के लिए हितकर व बलप्रद होती है।

मेथी की सब्जी कफ के रोगियों के लिए अत्यंत हितकर होती है। मेथी पौष्टिक होती है। यह खून को साफ करती है। मेथी अरुचि, उल्टी, खाँसी सभी प्रकार की वायु जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, पूरे शरीर का दर, डायबिटीज एवं निम्न रक्तचाप को मिटाने वाली है। मेथी आमदोष को मिटाती है एवं शरीर को स्वस्थ बनाती है।

 

मेथी का औषधीय उपयोग

 

कब्ज

मेथी की रेशेवाली सब्जी खाने से कब्ज में लाभ होता है।

 

डायबिटीज

मेथी की सब्जी का 100 मिलीलीटर रस सुबह को प्रतिदिन सेवन करने से लाभ मिलता है अथवा मेथी के दो चम्मच बीज रात में भिगोकर सुबह इन बीजों को चबाकर खाएं व इसका पानी भी पीने से लाभ होता है। भोजन में घी, तेल युक्त वस्तुएं व मीठी चीजों का सेवन न करने से लाभ होता है।

 

लो बीपी

जिन व्यक्तियों को निम्न रक्तचाप की शिकायत हो उनके लिए मेथी की सब्जी में अदरक लहसुन, गरम मसाला आदि डालकर बनाई गई सब्जी का सेवन लाभदायक होता है।

 

वायु का दर्द

प्रतिदिन हरी अथवा सूखी मेथी का सेवन करने से शरीर के 80 प्रकार के वायु के रोगों में लाभ होता है।

 

हाथ पैर का दर्द

वायु के कारण होने वाले हाथ पैर के दर्द में मेथी दानों को घी में सेककर उनका चूर्ण बनाएं इस चूर्ण में हल्का मीठा (बूरा) डालकर इसके लड्डू बनाए प्रतिदिन मेथी के एक लड्डू का सेवन करने से लाभ होता है।

 

सर्दी, जुकाम कफ दोष

जिनको हमेशा सर्दी, जुकाम, खांसी की शिकायत बनी रहती हो उन्हें मेथी की सब्जी में गरम मसाला, अदरक, लहसुन डालकर बनाएं और इसका प्रतिदिन सेवन करने से लाभ होता है।

 

आँव आने पर

5 ग्राम मेथी के पाउडर या चूर्ण में 100 ग्राम दही मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। दही अधिक खट्टा नहीं होना चाहिए।

 

लू लगने पर

हरी मेथी को जब हम काटकर रख लेते हैं तो उसे मेथी की सूखी भाजी कहते हैं। लू लगने पर मेथी की सूखी भाजी को ठंडे पानी में भिगोए अच्छी तरह भीग जाने पर इसे मसलकर छान लें और इस पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर एक बार लू लगने वाले व्यक्ति को पिलाएं काफी लाभ मिलेगा।