लू लगने पर घरेलू उपचार – Lu lagne ke lakshan

लू किसे कहते है?

गर्मी के दिनों में जो गर्म हवा चलती है खास तौर से मई जून के महीने में चलने वाली गर्म हवाओं को लू कहते है।
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लू क्यों लगती है?

गर्मी के दिनों में सूर्य की किरणें अत्यंत उष्ण (गर्म) हो जाती हैं। इनके संपर्क से हवा रुक्ष (सूखी) हो जाती है। जब हम गर्मी के दिनों में दोपहर के वक्त घर से बाहर जाते हैं तब यही उष्ण और रुक्ष हवा हमारे शरीर की नमी या आद्रता को सोख लेती है और हमें लू लग जाती है।

लू लगने के लक्षण क्या हैं?

लू लगने पर चेहरा लाल हो जाता है। लू लगने पर सांस लेने में कष्ट होने लगता है। लू लगने पर त्वचा शुष्क (सूखना) हो जाती है। लू लगने पर प्यास अधिक लगती है। लू लगने पर कभी-कभी सिर और गर्दन में पीड़ा होने लगती है। लू लगने पर कभी-कभी व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है। लू से बचाव के तरीके? लू चलने के दिनों में पानी अधिक पीना चाहिए। लू से बचने के लिए घर से बाहर जाते समय कानों को कपड़े से ढक लेना चाहिए।
लू से बचने के लिए सूती वस्त्र पहनने चाहिए। लू से बचने के लिए दिन में दो बार नहाना चाहिए। प्याज और पुदीना लू लगने के खतरे से रक्षा करते हैं इनको अपने साथ रखना चाहिए एवं इनका सेवन करते रहना चाहिए। घर से बाहर जाने से पहले पानी या छाछ पी कर निकलने से लू नहीं लगती। लू से बचने के लिए नींबू का शरबत भी पिया जा सकता हैं यह भी हितकर होता है।

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