अदरक

अदरक का गुण धर्म

अदरक रुखा, तीखा, उक्ष्ण तीक्ष्ण होने के कारण कफ तथा वात का नाश करता है, पित्त को बढ़ाता है। इसका अधिक सेवन रक्त को पुष्ट करता है। यह उत्तम आम पाचक है आम से उत्पन्न होने वाले अजीर्ण, अफारा, पेट दर्द, उल्टी आदि रोगों में तथा कफ जनित रोगों में जैसे सर्दी खांसी में अदरक बहुत उपयोगी है।
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सावधानियां

खून में पित्त की मात्रा बढ़ने पर हाई ब्लड प्रेशर, अल्सर, कोढ़ में खून बहने पर अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए अदरक साक्षात् अग्नि रूप है इसलिए अदरक को कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए फ्रिज में रखने से इसका अग्नि तत्व नष्ट हो जाता है।

अदरक का औषधीय उपयोग

उल्टी

उल्टी लगने पर एक चम्मच अदरक के रस में मिश्री मिलाकर पीने से उल्टी आना व जी मिचलाना बंद हो जाता है। इस रस को 3 घंटे के अंतराल में एक-एक चम्मच ले सकते हैं।

मंदाग्नि

एक चम्मच अदरक का रस एक चम्मच नींबू का रस दोनों को बराबर मात्रा में लेकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से जठराग्नि तीव्र होती है।

पेट का दर्द

पांच ग्राम अदरक का रस पांच ग्राम पुदीने के रस में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है।

पेट की गैस

आधा चम्मच अदरक के रस में हींग व काला नमक मिलाकर सेवन करने से पेट की गैस ठीक होती है।

सर्दी खांसी

सर्दी खांसी में 20 ग्राम अदरक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से गैस की तकलीफ दूर होती है।

खांसी एवं श्वास रोग में

15 ग्राम अदरक का रस व 15 ग्राम तुलसी का रस निकालकर उसमें दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी व श्वास रोगों में लाभ होता है।

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